Bokaro Treasury Fraud: बोकारो कोषागार से वेतन की अवैध निकासी के मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को बड़ी सफलता मिली है. जांच के दौरान एसआईटी ने अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध लेन-देन (मनी ट्रेल) का खुलासा किया है. इस कार्रवाई के तहत सीआईडी ने विभिन्न बैंक खातों में जमा 1.80 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं और 18 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को भी सीज कर लिया है.
आलीशान मकान और बेनामी संपत्तियों का खुलासा
एसआईटी ने मामले के आरोपी अशोक भंडारी के बोकारो स्थित आवास पर छापेमारी की, जहां निवेश और अचल संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं. इन दस्तावेजों में बोकारो के तेलीडीह में स्थित एक तीन मंजिला आलीशान मकान और करीब 9 डिसमिल से अधिक की दो अलग-अलग जमीनों के कागजात शामिल हैं. पुलिस अब इन संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है.
एसपी कार्यालय से आरक्षी गिरफ्तार, विभाग में हड़कंप
वेतन घोटाले की जांच की आंच अब बोकारो एसपी कार्यालय तक पहुंच गई है. सीआईडी की टीम ने गुरुवार को लेखा शाखा में पदस्थापित आरक्षी काजल मंडल को गिरफ्तार किया है. काजल पर इस घोटाले के मास्टरमाइंड माने जा रहे कौशल पांडेय का सहयोग करने का आरोप है. इस मामले में अब तक लेखापाल कौशल कुमार पांडेय, होमगार्ड सतीश कुमार और जमादार अशोक भंडारी समेत कुल चार कर्मियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.
गुमला में भी 28 लाख की अवैध निकासी, डीसी ने मांगी रिपोर्ट
बोकारो के साथ-साथ गुमला जिले में भी वेतन मद से 28.39 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला प्रकाश में आया है. महालेखाकार द्वारा आईएफएमएस (IFMS) डाटा की समीक्षा के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी गई, जो वर्ष 2017 से 2025 के बीच की गई है. गुमला डीसी दिलेश्वर महतो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी बीरेंद्र टोप्पो समेत संबंधित डीडीओ और पदाधिकारियों से तत्काल विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है.