जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वहां पहुंचने और चार घंटे तक मौजूद रहने के कारणों का उल्लेख किया गया है।
जानकारी के अनुसार, भवानीपुर सीट की ईवीएम मशीनें इसी स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। चुनावी नियमों के तहत किसी भी प्रत्याशी या उसके अधिकृत एजेंट को स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण करने का अधिकार होता है। इसी अधिकार के तहत ममता बनर्जी वहां पहुंचीं।
हालांकि, उनकी लंबी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है।
ममता बनर्जी का बयान:
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह ‘स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी’ के लिए वहां गई थीं। बाहर निकलने के बाद उन्होंने पुलिस की भूमिका पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि अगर वोट लूटने की कोशिश हुई, तो वह “जान देकर भी लड़ेंगी।”
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी के वीडियो सामने आए हैं और पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
BJP का पलटवार:
भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के चुनाव एजेंट सूर्यनील दास भी मौके पर मौजूद थे। भाजपा का दावा है कि उनके एजेंट ने मुख्यमंत्री की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। सुवेंदु अधिकारी ने तस्वीर साझा कर इसे ‘निगरानी’ का हिस्सा बताया।
अब चुनाव आयोग इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट के आधार पर जांच करेगा और तय करेगा कि कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
फिलहाल, भवानीपुर की सियासत गरम है और सभी की नजरें चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हैं।