Jharkhand News: रांची में 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन पर पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अपना पक्ष रखा गया.
बचाव पक्ष की ओर से पहले ही बहस पूरी की जा चुकी है. अब अदालत ने मामले में रिटर्न आर्गुमेंट के लिए 8 मई की तारीख निर्धारित की है. इस केस में आरोपियों पर आरोप गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़नी है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप मुक्त करने की मांग की थी. इसी याचिका पर अदालत में सुनवाई चल रही है.
मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी और कई लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था. जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
इस मामले में हेमंत सोरेन सहित कई जमीन कारोबारियों को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. 31 जनवरी 2024 को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद 28 जून 2024 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी.
फिलहाल मामले में अगली सुनवाई 8 मई को होगी, जिस पर सभी पक्षों की नजर टिकी हुई है.