Jharkhand News: रांची से बड़ी प्रशासनिक पहल सामने आई है. झारखंड में लंबे समय से रुकी ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को अब गति मिलने वाली है. राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति का रास्ता खोल दिया है. इसके साथ ही विधायकों को अपने क्षेत्र की जरूरत के अनुसार योजनाएं सुझाने का अधिकार भी तय कर दिया गया है.
विधायकों को 15 करोड़ तक प्रस्ताव भेजने की अनुमति, ग्राम सेतु योजना में 10 करोड़ की सीमा
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026 27 में विधायक अधिकतम 15 करोड़ रुपये तक की ग्रामीण सड़क योजनाओं की अनुशंसा कर सकेंगे. इस सीमा के भीतर वे अपनी प्राथमिकता के अनुसार चार पांच या उससे अधिक योजनाएं भी प्रस्तावित कर सकते हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत विधायकों को अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की पुल योजनाओं की अनुशंसा करने की अनुमति दी गई है. इन योजनाओं की संख्या पूरी तरह संबंधित विधायक की सिफारिश पर निर्भर करेगी.
कैबिनेट से मंजूरी के बाद विभागीय संकल्प जारी, वित्त विभाग की शर्तें भी लागू
इस प्रस्ताव को 28 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल चुकी थी. इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग ने आधिकारिक संकल्प जारी कर दिया है. हालांकि योजनाओं की स्वीकृति पर वित्त विभाग की कुछ शर्तें भी लागू रहेंगी, जिनका पालन करना आवश्यक होगा.
एक साल से नई योजनाएं ठप, अब मिलेगी नई शुरुआत
राज्य में करीब एक वर्ष से नई सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल रही थी. वित्तीय वर्ष 2025 26 में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत एक भी नई योजना को मंजूरी नहीं दी गई. इसकी वजह पहले से स्वीकृत योजनाओं का लंबित रहना और बढ़ती वित्तीय देनदारियां थीं. इस दौरान विभाग ने नए निर्माण के बजाय मुख्य रूप से सड़कों की मरम्मत पर ध्यान केंद्रित किया.
विधायकों से जल्द मांगी जाएगी अनुशंसा, डीपीआर के बाद शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग जल्द ही विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रस्ताव मांगेगा. विधायकों की अनुशंसा के आधार पर योजनाओं का चयन किया जाएगा. इसके बाद संबंधित परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी और फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.
ग्रामीण कनेक्टिविटी और रोजगार पर पड़ेगा असर
नई योजनाओं को मंजूरी मिलने से राज्य में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है. सड़क निर्माण तय मानकों के अनुसार किया जाएगा. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है.
पहले मरम्मत पर था फोकस, अब नई परियोजनाओं को प्राथमिकता
पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने जर्जर सड़कों की मरम्मत पर विशेष अभियान चलाया था और बजट का बड़ा हिस्सा उसी पर खर्च किया गया. हालांकि जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार नई परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग उठ रही थी. अब सरकार के इस फैसले से राज्य के सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है.