Dhanbad News: धनबाद के केंदुआ क्षेत्र से सामने आ रही स्थिति सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि एक बढ़ते खतरे की चेतावनी है. 16 अप्रैल की सुबह धनबाद बोकारो मुख्य मार्ग के किनारे हुए भू धसान के बाद हालात अब और गंभीर हो गए हैं. ताजा बारिश ने इस संकट को और गहरा कर दिया है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है.
बारिश के बाद हालात बिगड़े, धंसे इलाके से लगातार गैस रिसाव
केंदुआ क्षेत्र में बीसीसीएल के पुराने जीएम बंगले के पास भू धसान हुआ था. शुक्रवार को करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद धंसे हुए हिस्से में पानी भर गया. इसके बाद वहां से धुआंनुमा गैस का लगातार रिसाव होने लगा. इस गैस ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है. स्थानीय लोग इसे एक बड़े खतरे के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि यह स्थिति किसी भी समय गंभीर रूप ले सकती है.
सिर्फ बैरिकेडिंग तक सीमित कार्रवाई, लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि 16 अप्रैल को घटना के बाद प्रशासन ने केवल सड़क को बंद कर बैरिकेडिंग कर दी. इसके अलावा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों का आरोप है कि मामले को सिर्फ औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रखा गया है, जबकि खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
बीसीसीएल पर भी सवाल, विस्थापन की आशंका जताई
कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीसीसीएल की ओर से क्षेत्र के लोगों को हटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि निजी कंपनियों के जरिए यहां से कोयला निकाला जा सके. हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह की आशंकाओं ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है.
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं, गैस रिसाव से तीन लोगों की मौत
यह समस्या नई नहीं है. दिसंबर 2025 से केंदुआ क्षेत्र के अलग अलग हिस्सों में गैस रिसाव की घटनाएं सामने आती रही हैं. अब तक ऐसे मामलों में तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है. इसके बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है.
लगातार बारिश और भू धसान से बढ़ रहा जोखिम, लोग कर रहे त्वरित कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही बारिश और जमीन धंसने की घटनाओं ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके.
केंदुआ की यह स्थिति साफ संकेत देती है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो खतरा और बढ़ सकता है. अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से इस समस्या का समाधान निकालती हैं.