West Bengal Poltics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली बड़ी जीत के बाद अब राज्य में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। यह जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी आधिकारिक बयान के माध्यम से सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि पार्टी का संसदीय बोर्ड इस पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है और नेतृत्व चयन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।
विधायक दल की बैठक और नेतृत्व चयन पर रहेगा फोकस
पार्टी द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत अमित शाह और मोहन चरण माझी संयुक्त रूप से पश्चिम बंगाल में विधायक दल की बैठक आयोजित कराएंगे और नए नेता के चयन की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। दोनों वरिष्ठ नेता राज्य में पार्टी के निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर उनकी राय लेंगे और सर्वसम्मति से नेतृत्व तय करने का प्रयास करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के बाद राज्य में सरकार गठन की औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जाएंगी, जिससे भाजपा पहली बार पश्चिम बंगाल में सत्ता संभाल सकेगी।
चुनाव परिणाम में भाजपा का दमदार प्रदर्शन
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत हासिल की है, जो पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। इसके अलावा कांग्रेस को 2 और सीपीआई (एम) को केवल 1 सीट मिली है। इन परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और भाजपा के लिए पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
असम में भी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, भाजपा की लगातार तीसरी जीत
पश्चिम बंगाल के साथ-साथ भाजपा ने असम में भी सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने वहां विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए एनडीए के साथ मिलकर 126 में से 102 सीटों पर कब्जा जमाया है, जिसमें भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीती हैं। सहयोगी दल बोडो पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद को 10-10 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है।
सरकार गठन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
चुनावी नतीजों के बाद अब दोनों राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सरकार गठन को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेतृत्व इस पूरी प्रक्रिया को संगठित और सुव्यवस्थित तरीके से पूरा करने में जुटा हुआ है, ताकि जल्द से जल्द नई सरकार का गठन किया जा सके। पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, वहीं असम में भी लगातार तीसरी जीत ने संगठन को और मजबूती प्रदान की है।