Jamshedpur: एक मई से State Bank Of India के एटीएम पर तैनात 140 सुरक्षा गार्डों को हटाए जाने के बाद उन्होंने अपनी बहाली की मांग को लेकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। मंगलवार को सभी गार्ड एकजुट होकर उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी परेशानी रखी। उन्होंने बताया कि अचानक काम छिन जाने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
न्यूनतम वेतन और शिकायत के बाद कार्रवाई का आरोप
गार्डों का आरोप है कि उन्होंने अपने न्यूनतम वेतन और पीएफ कटौती से जुड़ी शिकायत धनबाद स्थित केंद्रीय श्रम कार्यालय में की थी, जिसके बाद उन्हें काम से हटा दिया गया। उनका कहना है कि नियमानुसार उन्हें 900 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें केवल 500 रुपये ही दिए जाते थे। साथ ही उनसे 30 दिन काम लिया जाता था, जबकि भुगतान सिर्फ 26 दिनों का ही किया जाता था।
पीएफ राशि जमा नहीं करने का भी आरोप
गार्डों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी नियोक्ता कंपनी WWSO Enterprises Limited द्वारा पिछले डेढ़ साल से पीएफ मद में काटी गई राशि जमा नहीं की गई है। इस वजह से उन्हें भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सता रही है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
दोबारा काम पर रखने की उठी मांग
गार्डों ने प्रशासन से मांग की है कि चाहे State Bank of India किसी भी एजेंसी को काम दे, लेकिन उन्हें दोबारा नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें फिर से काम मिल जाता है, तो वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा पाएंगे और आर्थिक संकट से उबर सकेंगे।