Ranchi News : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10,000 करोड़ रुपये के कथित ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के आदेश के तहत केवल क्लर्क और किरानी स्तर के कर्मचारियों के ट्रांसफर का निर्देश दिया गया, जबकि एसपी, डीएसपी और ट्रेजरी अधिकारियों को उनके पदों पर ही बने रहने दिया गया है। उनके अनुसार, जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें ही कार्रवाई से दूर रखा गया है।
बोकारो स्ट्रांग रूम के सोने पर सवाल, 12 से 14 किलो सोने के सत्यापन की मांग
प्रतुल शाहदेव ने एसआईटी के गठन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर पहले से जांच की आशंका है, उन्हें ही जांच टीम में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी पहले 2020 से रिकॉर्ड मांग रही थी, लेकिन अब एजी की आपत्ति के बाद 2011 से दस्तावेज जुटाने की बात कही जा रही है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
साथ ही उन्होंने बोकारो के स्ट्रांग रूम में रखे लगभग 12 से 14 किलो सोने को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा और एसआईटी से इसका भौतिक सत्यापन कराने की मांग की।
एजी रिपोर्ट में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं, ईडी-सीबीआई जांच की मांग तेज
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि प्रिंसिपल एजी की 2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में ट्रेजरी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 58 प्रतिशत डीए को कई गुना अधिक बढ़ाकर लिया गया, 2175 मामलों में जन्मतिथि में बदलाव, 2890 पैन नंबर में फेरबदल और 5037 कर्मचारियों की जॉइनिंग डेट में छेड़छाड़ पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया इस पूरे मामले को दबाने का संकेत देता है। भाजपा ने इस घोटाले की जांच ईडी और सीबीआई से कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आगे उचित कदम उठाएगी। प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी मौजूद थे।