Seraikela: राजनगर प्रखंड के भाग-17 अंतर्गत तुमुंग पंचायत के चलियामा गांव में बनने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। 15वें वित्त आयोग जिला परिषद फंड से करीब 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इस स्वास्थ्य उपकेंद्र के शिलापट्ट में योजना संबंधी जानकारी नहीं होने और कार्यक्रम में दूसरे क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए।
शिलापट्ट में राशि का उल्लेख नहीं होने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
शिलान्यास कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, भाग-17 की जिला परिषद सदस्य अमोदिनी महतो, भाग-16 की जिला परिषद सदस्य सुलेखा हांसदा तथा भाग-15 की मालती देवगन मौजूद थीं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण सुजय प्रमाणिक ने शिलापट्ट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि शिलापट्ट पर योजना की प्राक्कलित राशि का उल्लेख नहीं किया गया था। साथ ही शिलापट्ट को स्थायी रूप से लगाने के बजाय जमीन पर पत्थर के सहारे टिकाकर शिलान्यास कर दिया गया, जिसे ग्रामीणों ने गलत बताया।
जिला परिषद अध्यक्ष ने दी सुधार का आश्वासन
ग्रामीणों की आपत्ति के बाद जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने मौके पर लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संवेदक द्वारा पूरी योजना विवरण और प्राक्कलित राशि के साथ नया शिलापट्ट सही तरीके से लगाया जाएगा। इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद नारियल फोड़कर विधिवत योजना का शिलान्यास किया गया।
दूसरे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
कार्यक्रम में भाग-16 और भाग-15 की जिला परिषद सदस्यों की सक्रिय मौजूदगी को लेकर भी ग्रामीणों के बीच चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि भाग-17 की योजना में दूसरे क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की भागीदारी प्रोटोकॉल के अनुरूप थी या फिर यह केवल राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि भाग-16 क्षेत्र में भी हाल ही में समान राशि की योजना का शिलान्यास किया गया था। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों का एक-दूसरे के कार्यक्रमों में प्रमुख भूमिका निभाना अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रशासन की ओर से अब तक नहीं आया कोई बयान
फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन या संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान उठे सवालों के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।