Jamshedpur: सोनारी थाना अंतर्गत एक इलाके में मवेशी चोरी के संदेह में एक युवक को भीड़ द्वारा बेरहमी से पीटे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। संदिग्ध परिस्थितियों में युवक को देखने के बाद लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने कानून हाथ में लेते हुए उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया, लेकिन सूचना मिलते ही सोनारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उग्र भीड़ के चंगुल से घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की मुस्तैदी के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जिसके बाद घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शक बना हिंसा की वजह, देखते ही देखते जुटी सैकड़ों की भीड़
चश्मदीदों के मुताबिक, शनिवार को स्थानीय निवासियों को उक्त युवक की गतिविधियों पर कुछ संदेह हुआ। लोगों को लगा कि वह मवेशी चोरी की फिराक में इलाके की रेकी कर रहा है। इसी आशंका के आधार पर कुछ लोगों ने उसे रोका और पूछताछ शुरू की, जो जल्द ही हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और आवेश में आकर लोगों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए स्थिति पुलिस के नियंत्रण से बाहर होती दिखी, तभी किसी जागरूक नागरिक ने स्थानीय थाने को इसकी भनक दी।
पुलिस की समय पर दखल और घायल का रेस्क्यू
सूचना मिलते ही सोनारी पुलिस के अधिकारी और जवान दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर-बितर किया और अधमरी हालत में पड़े युवक को अपने संरक्षण में लिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों को शांत कराया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। फिलहाल युवक का इलाज अस्पताल में चल रहा है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पकड़ा गया युवक वास्तव में किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त था या वह महज अफवाह और गलतफहमी का शिकार हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।
प्रशासन की सख्त चेतावनी, कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में मिलता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने या प्रशासन को दी जानी चाहिए। अफवाहों या सिर्फ शक के आधार पर हिंसा करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।