Jamshedpur News : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के कॉमर्स विभाग में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले छह महीनों से छात्र संगठन और विद्यार्थी बढ़ी हुई फीस के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में प्रशासन और छात्रों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, लेकिन बैठक में प्रशासन ने फीस में किसी प्रकार की कटौती से साफ इनकार कर दिया।बैठक में कुलपति प्रो. राजीव मनोहर, रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू और वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली चर्चा के दौरान प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर विभाग में स्मार्ट बोर्ड, लाइब्रेरी, लैब, आरओ वाटर और साफ-सुथरे वाशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की सहायता के लिए “पुअर बॉयज फंड” के तहत समिति गठित करने की बात भी कही गई।हालांकि छात्रों ने प्रशासन के इन आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से विभाग में सुविधाओं की कमी बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि पहले यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की फीस सालाना 5 से 7 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर लगभग 15 हजार रुपये कर दिया गया और अब फीस प्रति सेमेस्टर ली जा रही है।
छात्रों ने लगाया करोड़ों रुपये वसूली का आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
छात्रों का आरोप है कि विभाग में करीब 2000 छात्र पढ़ते हैं और हर साल करोड़ों रुपये फीस के रूप में वसूले जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद छात्रों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि डेवलपमेंट फंड के नाम पर ली जा रही राशि का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा है।
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगातार टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई और सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फीस संरचना पहले से लागू है और छात्रों की सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।