Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाकों में पैर पसार रहे अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपना हंटर चलाया है। जिले में अवैध शराब के निर्माण और इसकी अवैध बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंझारी थाना क्षेत्र में प्रशासन को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। उपायुक्त के कड़े निर्देशों के बाद सक्रिय हुए उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मंझारी के कई इलाकों में एक साथ दबिश देकर अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
चार गांवों में पुलिस की एक साथ दस्तक: अवैध अड्डों पर मचा हड़कंप
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि मंझारी थाना क्षेत्र के कुछ सुदूरवर्ती गांवों में अवैध रूप से देशी शराब का निर्माण हो रहा है और वहां से विदेशी शराब की तस्करी की जा रही है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग और मंझारी थाना की एक संयुक्त टास्क फोर्स गठित की गई। टीम ने शनिवार को ग्राम तिलैपी, कुम्मराम, लमजोरी और भागाविला में एक साथ छापेमारी की। जैसे ही पुलिस की गाड़ियां इन गांवों में दाखिल हुईं, अवैध शराब निर्माण में लगे लोग भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने संदिग्ध ठिकानों और अवैध भट्टियों की बारीकी से तलाशी ली, जहाँ शराब तैयार की जा रही थी।
भारी मात्रा में खेप बरामद, चुलाई शराब से लेकर विदेशी ब्रांड तक जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद की है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान में 11.05 लीटर बीयर, 9.375 लीटर विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब और करीब 5 लीटर अवैध चुलाई (देशी) शराब जब्त की गई है। कुल मिलाकर 25 लीटर से अधिक अवैध शराब की खेप पकड़ी गई है। शराब के साथ-साथ पुलिस ने देशी शराब तैयार करने वाले बड़े बर्तनों, उपकरणों और कच्ची सामग्री को भी मौके पर ही नष्ट कर दिया या जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में जहरीली शराब के खतरे को टालने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
चार तस्कर गिरफ्तार, प्रशासन ने दी कड़ी चेतावनी
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने मौके से अवैध कारोबार में संलिप्त चार व्यक्तियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ मंझारी थाना में उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्पाद अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला प्रशासन अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपना रहा है। उन्होंने बताया कि यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की आकस्मिक छापेमारी की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे ऐसे अवैध कार्यों की जानकारी गुप्त रूप से विभाग को दें ताकि समाज को नशे के इस जाल से बचाया जा सके।