Ranchi News: रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को लेकर अब लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं. राजधानी को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला आधुनिक रेलवे स्टेशन देने का दावा किया गया था और इसके लिए करीब 450 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई थी. लेकिन निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति को देखकर कई लोग परियोजना की गुणवत्ता और डिजाइन पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
शुरुआती चरण में जारी किए गए डिजाइन और मॉडल में स्टेशन को अत्याधुनिक रूप में दिखाया गया था. खास तौर पर स्टेशन की छत को लेकर दावा किया गया था कि वहां आधुनिक व्हाइट फैब्रिक और सन प्रोटेक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि अब जो ढांचा बनता दिखाई दे रहा है, उसे लेकर लोगों का कहना है कि वह सामान्य टिन या एस्बेस्टस शीट जैसी संरचना नजर आ रही है.
यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यदि निर्माण में पारंपरिक सामग्री का ही उपयोग होना था, तो इसे हाईटेक स्टेशन परियोजना के रूप में प्रचारित करने का क्या औचित्य था. स्टेशन परिसर में गार्डन और हरित क्षेत्र विकसित करने की भी योजना थी, लेकिन वहां बड़े पार्किंग क्षेत्र का निर्माण किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं.
लोग निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जता रहे हैं. उनका कहना है कि इतने बड़े बजट वाली परियोजना में उच्च गुणवत्ता के मानकों का पालन होना चाहिए था. पिछले दो वर्षों से निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद किसी बड़े स्तर पर निरीक्षण नहीं होने और पूरी प्रक्रिया ठेकेदारों पर छोड़ दिए जाने की भी आलोचना हो रही है.
हालांकि परियोजना में कुछ सकारात्मक बदलाव भी दिखाई दे रहे हैं. स्टेशन परिसर में एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं और साउथ गेट की ओर बनने वाला फ्लाईओवर धुर्वा और हटिया क्षेत्र के लोगों के लिए यातायात को आसान बना सकता है. भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
इसके बावजूद लोगों का कहना है कि केवल आधुनिक सुविधाएं जोड़ देना ही किसी स्टेशन को विश्वस्तरीय नहीं बनाता. स्टेशन की बाहरी संरचना, मजबूती और वास्तु गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कमियों को दूर नहीं किया गया, तो यह महत्वाकांक्षी परियोजना जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाएगी.