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  • 2025-06-10

Bodam Sabar Community: बोड़ाम की मधुर क्रांति,सबर समुदाय की आत्मनिर्भरता की कहानी

Bodam Sabar Community: झारखंड के बोड़ाम प्रखंड के एक छोटे से गांव खोखरो में 45 सबर परिवारों ने अपनी पारंपरिक गतिविधि शहद संग्रहण को व्यवस्थित-व्यापारिक उद्यम में बदल डाला है। इस आदिम जनजाति समूह के परिवारों ने अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी है।
सालों से सबर समुदाय का जीवन NTFP - महुआ, पत्ता, झाड़ू और विशेषकर वन शहद पर आधारित रहा है। लेकिन उचित बाज़ार, मूल्य और भंडारण की कमी से उनकी अथक मेहनत व्यर्थ हो जाती थी। 2024 में PM-JANMAN योजना के अंतर्गत खोखरो गांव में वन धन विकास केंद्र (VDVK) की स्थापना हुई, जिससे सबर समुदाय के सदस्यों को शहद संग्रहण, मधुमक्खी पालन, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग में प्रशिक्षण मिला।
Boram Honey ब्रांड का आकर्षक लेबल, सुरक्षित पैकेजिंग और गुणवत्ता ने इसे एक खास पहचान दिलाई है। अब यह शहद केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि सबर समुदाय की सशक्त आवाज़ बन चुका है।


तेजस्विनी महिला किसान उत्पादन समूह FPO और 16 गठित Joint Liability Groups (JLGs) के माध्यम से शहद की संगठित बिक्री शुरू हुई, जिससे न केवल उत्पाद को उचित मूल्य मिला, बल्कि समुदाय की बाजार तक सीधी पहुँच भी बनी।
अब योजना है कि B-Box के ज़रिए मधुमक्खी पालन को और बढ़ाया जाए, जिससे शहद उत्पादन बढ़ेगा और परागण के ज़रिए जैविक खेती को भी बल मिलेगा, जिससे वन और कृषि में संतुलन बना रहेगा।

Boram Honey की सफलता सिर्फ शहद बेचने की कहानी नहीं है, यह एक समुदाय की संघर्ष, सीख और संगठन के ज़रिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती यात्रा है। खोखरो के सबर परिवारों ने यह दिखा दिया कि जब अवसर, मार्गदर्शन और सहयोग मिलता है, तो जंगल की गहराई से भी आत्मनिर्भरता की मीठी राह निकल सकती है।
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