Aaj Ka Panchang: सोमवार, 11 मई 2026 यानी आज, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। नवमी तिथि दोपहर 03 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि आरंभ हो जाएगी। आज इन्द्र योग और शतभिषा नक्षत्र का विशेष शुभ संयोग बन रहा है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ की उपासना करने से सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।
सूर्योदय, शुभ मुहूर्त और आज के अशुभ समय
आज सूर्योदय प्रातः 05 बजकर 33 मिनट पर और सूर्यास्त सायं 07 बजकर 02 मिनट पर होगा। चंद्रोदय 12 मई को रात्रि 02 बजकर 21 मिनट पर और चंद्रास्त दोपहर 01 बजकर 08 मिनट पर होगा। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जबकि अमृत काल सायं 06 बजकर 05 मिनट से 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। वहीं राहुकाल प्रातः 07 बजकर 14 मिनट से 08 बजकर 55 मिनट तक, यमगण्ड 10 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 18 मिनट तक और गुलिकाल दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव, जानिए इसकी खासियत
आज शतभिषा नक्षत्र रात्रि 01 बजकर 28 मिनट (12 मई) तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा। यह नक्षत्र कुंभ राशि में 6°40 से 20°00 तक स्थित माना जाता है। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, जबकि इसके देवता वरुणदेव माने जाते हैं। इस नक्षत्र का प्रतीक खाली वृत्त यानी शून्य है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः कुशाग्र बुद्धि, सत्यवादी, स्वतंत्र विचार वाले, रचनात्मक और समस्याओं का समाधान निकालने में माहिर माने जाते हैं।
ग्रहों की स्थिति और आज का धार्मिक महत्व
आज सूर्य देव मेष राशि में और चंद्र देव कुंभ राशि में विराजमान हैं। इन्द्र योग रात्रि 01 बजकर 04 मिनट (12 मई) तक रहेगा, इसके बाद वैधृति योग शुरू होगा। करण की बात करें तो गरज करण दोपहर 03 बजकर 24 मिनट तक और वणिज करण रात्रि 03 बजकर 14 मिनट (12 मई) तक प्रभावी रहेगा। सोमवार होने के कारण शिव मंदिरों में विशेष पूजा और जलाभिषेक का महत्व बढ़ जाता है। श्रद्धालु आज व्रत रखकर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।