Jharkhand News: राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पथ निर्माण विभाग युद्ध स्तर पर पुलों का निर्माण कर रहा है. चाईबासा, दुमका, हजारीबाग, मेदिनीनगर और रांची सर्किल में दर्जनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम जारी है. ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अधिकांश प्रमुख पुलों का निर्माण कार्य 80 से 100 फीसदी तक पूरा हो चुका है, जिससे राज्य में सड़क संपर्क काफी सुदृढ़ होगा.
जमशेदपुर और सरायकेला में निर्माण
चाईबासा सर्किल के तहत स्वर्णरेखा नदी पर पुलों का जाल बिछाया जा रहा है. मुसाबनी-डुमरिया क्षेत्र में 39.93 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 19 पुलों का समूह 82 फीसदी पूरा हो चुका है. वहीं, जमशेदपुर में 163.53 करोड़ रुपये की लागत से फोर लेन एलीवेटेड कॉरिडोर और केबल स्टे ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ है. इसके अलावा पीपला मोड़ और कांड्रा-चांडिल रोड के पास बन रहे पुल भी 90 फीसदी पूर्णता की ओर हैं.
नदी और रेलवे ओवर ब्रिज
हजारीबाग और दुमका सर्किल में औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने पर विशेष फोकस है. दामोदर नदी पर भंडारिडीह और टुपकाडीह के बीच बन रहा पुल 85 फीसदी तैयार है, जबकि राजरप्पा रोड वाला पुल 100 फीसदी पूरा हो चुका है. साहिबगंज जिले में रेलवे क्रॉसिंग पर 93.94 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि गुमानी नदी और मोरंग नाला पर नए पुलों की आधारशिला रखी गई है.
सुदूर क्षेत्रों और राजधानी का विकास
मेदिनीनगर और रांची सर्किल के तहत गढ़वा, लातेहार और गुमला जैसे जिलों में आवाजाही आसान बनाने का काम अंतिम चरण में है. ओरमांझी के पास स्वर्णरेखा नदी पर बन रही सड़क और पुल का काम 94 फीसदी पूरा हो गया है. गढ़वा में कन्हर नदी पर 27.12 करोड़ रुपये की लागत से पुल और लंबी पहुंच सड़क बनाई जा रही है. लोहरदगा और गिरिडीह में भी कई पुलों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा होने से ग्रामीणों का सफर आसान हुआ है.