Jamshedpur: गोलमुरी थाना पुलिस ने करोड़ों की जालसाजी और माल गबन के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गबन किया गया लगभग 29 टन सरिया बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर साजिश रचने वाले वाहन मालिक, चालक और चोरी का माल खरीदने वाले दुकानदार को सलाखों के पीछे भेज दिया है। बरामद किए गए 540 बंडल सरिये की कीमत बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है।
चालान और GST दस्तावेजों के साथ की थी जालसाजी
इस पूरे मामले की शुरुआत 22 अप्रैल 2026 को हुई, जब अखिलेश यादव ने गोलमुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वाहन संख्या CG15CZ-2138 के मालिक और चालक ने परिवहन के दौरान जीएसटी और चालान से संबंधित माल को उसके गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय बीच रास्ते में ही खुर्द-बुर्द कर दिया था। आरोपियों ने विश्वासघात करते हुए पूरे माल को अवैध रूप से बेचने की साजिश रची थी।
छापेमारी में 540 बंडल सरिया और मोबाइल जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर 11 मई को सघन छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने बलवंत कुमार यादव (वाहन मालिक), सुमंत कुमार (चालक) और गुड्डू कुमार यादव (खरीददार) को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गबन किया गया कुल 29 टन सरिया और वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस टीम
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अधिक मुनाफे के लालच में माल को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है और इस सिंडिकेट में और कितने लोग शामिल हैं। इस सफल उद्भेदन में पुलिस अवर निरीक्षक राज रोशन सिन्हा, इन्द्रदेव राम, रफीक आलम और सशस्त्र बल के जवानों की मुख्य भूमिका रही।
अपराधियों को पुलिस की कड़ी चेतावनी
जमशेदपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि माल गबन और अवैध परिवहन जैसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक शहर होने के नाते माल की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की जालसाजी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।