Tamil Nadu Assembly Session: तमिलनाडु की राजनीति में जारी भारी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। सदन में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान विजय सरकार के पक्ष में कुल 144 विधायकों ने मतदान किया, जबकि विपक्ष के खाते में महज 22 वोट ही आए। इस शानदार जीत के साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार पर मंडरा रहे अस्थिरता के बादल छंट गए हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान सदन में कुल 171 विधायक मौजूद थे, जबकि पांच सदस्यों ने सत्र से दूरी बनाए रखी।
विपक्ष में बिखराव और डीएमके का वॉकआउट
विश्वासमत के दौरान सदन का गणित उस समय पूरी तरह बदल गया जब उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके के 59 विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। मुख्य विपक्षी दल डीएमके के सदन से बाहर निकलते ही बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा गिरकर 88 पर आ गया, जिसका सीधा लाभ मुख्यमंत्री विजय को मिला। हालांकि, एआईएडीएमके के नेता एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने अपनी पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश की और सरकार के खिलाफ मतदान किया, लेकिन विपक्षी खेमे में तालमेल की कमी साफ तौर पर दिखाई दी। फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री विजय ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ रणनीति साझा की थी, जो सदन में कारगर साबित हुई।
उदयनिधि स्टालिन के आरोपों से गरमाया सदन का माहौल
विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के जरिए अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश कर रहा है। स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि सत्तापक्ष के कुछ नेता विपक्षी विधायकों को लालच देकर पाला बदलने के लिए व्यक्तिगत संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान सरकार के पास कोई स्पष्ट जनादेश नहीं है और यह केवल बैसाखियों के सहारे चल रही है। स्टालिन की इन टिप्पणियों के बाद सदन में काफी हंगामा हुआ और अंततः डीएमके सदस्यों ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
हंगामे के बीच हुई वोटिंग और मुख्यमंत्री की राहत
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने एआईएडीएमके के बागी विधायक एसपी वेलुमणि को बोलने का मौका दिया। इस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताते हुए सरकार पर विपक्ष को तोड़ने का आरोप लगाया। एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने अपने विधायकों को एकजुट रहने की हिदायत दी, लेकिन संख्या बल सरकार के पक्ष में झुका रहा। फ्लोर टेस्ट में मिली इस बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने राहत की सांस ली है। इस परिणाम ने न केवल राज्य की राजनीति में विजय के नेतृत्व को मजबूती दी है, बल्कि विपक्ष के उन दावों को भी कमजोर कर दिया है जो सरकार के गिरने की अटकलें लगा रहे थे।