Kejriwal On NEET Paper Leak: देशभर में NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और इससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. केजरीवाल ने इस पूरे मामले को केवल एक परीक्षा घोटाला नहीं बल्कि युवाओं के भरोसे पर हमला बताया.उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द किए जाने से लाखों छात्रों और उनके परिवारों में चिंता और असमंजस का माहौल है. अब 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच पेपर लीक के आरोपों और जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.
भाजपा सरकारों के दौर में सबसे ज्यादा पेपर लीक होने का दावाकेजरीवाल ने दावा किया कि 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से देशभर में कुल 93 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से करीब 6 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. उनके मुताबिक पेपर लीक की ज्यादातर घटनाएं राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे भाजपा शासित राज्यों में हुई हैं.
उन्होंने कहा कि यह केवल संयोग नहीं माना जा सकता कि जिन राज्यों में बार बार पेपर लीक के मामले सामने आए वहां और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हालिया NEET पेपर लीक का केंद्र भी राजस्थान बताया जा रहा है जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.
सीबीआई जांच पर भी उठाए सवाल, बोले पहले मामलों में क्या कार्रवाई हुई
AAP प्रमुख ने सीबीआई जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 2017, 2021 और 2024 में भी पेपर लीक मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी लेकिन उन मामलों में क्या कार्रवाई हुई यह देश के सामने साफ नहीं है.
केजरीवाल ने कहा कि इस बार भी जांच सीबीआई को दी गई है लेकिन युवाओं के मन में सवाल है कि क्या इस बार कोई ठोस कार्रवाई होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर पेपर लीक रोकने की जिम्मेदारी है वही संस्थाएं अब जांच एजेंसियों पर भी नियंत्रण रखती हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह पैदा होता है.
नेपाल और बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र कर युवाओं को लेकर कही बड़ी बात
अपने बयान में केजरीवाल ने नेपाल और बांग्लादेश में हुए छात्र और युवा आंदोलनों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर वहां के Gen Z युवा सरकार बदलने की ताकत रखते हैं तो भारत के युवा भी पेपर लीक कराने वालों और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में ला सकते हैं.
उन्होंने कहा कि देश का युवा लगातार मेहनत करता है लेकिन हर बार पेपर लीक जैसी घटनाएं उसकी मेहनत और भरोसे को तोड़ देती हैं. ऐसे मामलों में सिर्फ परीक्षा रद्द करना काफी नहीं है बल्कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों.
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र असमंजस में
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के छात्र और अभिभावक नई परीक्षा तारीख को लेकर चिंतित हैं. कई छात्रों ने सालों की तैयारी के बाद परीक्षा दी थी लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इससे छात्रों के मानसिक दबाव और करियर पर असर को लेकर भी बहस तेज हो गई है.
वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में कौन से बड़े खुलासे होते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं.