जांच में सामने आया है कि आरोपी यश यादव की पहचान विकास बिवाल नाम के एक अन्य आरोपी से थी. CBI को यह भी पता चला कि विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने प्रश्न पत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन किया था और उसे PDF फाइल में बदला गया था. इसके बाद आरोपियों ने प्रश्न पत्र को हाथ से लिखकर तैयार किया ताकि किसी को शक न हो और फिर इसे राजस्थान के सीकर जिले में कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच बांटा गया.
कोचिंग सेंटरों से लेकर छात्रों तक फैला नेटवर्क, CBI कर रही पैसों के लेनदेन और पूरी चैन की जांच
CBI अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्न पत्र सबसे पहले कहां से लीक हुआ और किस चैन के जरिए अलग अलग आरोपियों और छात्रों तक पहुंचा. जांचकर्ता छात्रों और आरोपियों दोनों के बयान दर्ज कर रहे हैं. साथ ही पैसों के लेनदेन की भी पुष्टि की जा रही है.
मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार देर रात जयपुर में एक मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया. सुरक्षा को देखते हुए आरोपियों को कड़ी निगरानी में वहां लाया गया था. जांच एजेंसी ने इस केस में कई कोचिंग संस्थानों के मालिकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की है. माना जा रहा है कि कुछ कोचिंग नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि यश यादव खुद NEET परीक्षा पास नहीं कर पाया था. उसने बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज से पढ़ाई की है. वहीं आरोपी शुभम ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह इस पेपर लीक साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड नहीं है. CBI ने 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया था. शिकायत में NEET UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक की बात कही गई थी.
बिहार से भी जुड़े तार, राजगीर में मोबाइल और लैपटॉप जब्त, 22 लाख छात्रों वाली परीक्षा रद होने से बढ़ी चिंता
इस मामले के तार अब बिहार से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. बिहार पुलिस ने बुधवार को एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया जिस पर NEET UG 2026 पेपर लीक में शामिल होने का आरोप है. राजगीर के DSP सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने कई मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं जिनमें मामले से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिले हैं.
पुलिस के अनुसार जब्त डिवाइस से मिली चैट्स में पैसों के लेनदेन के संकेत मिले हैं. इसके अलावा कई मेडिकल कॉलेज छात्रों की पहचान भी की गई है जिन पर इस नेटवर्क का हिस्सा होने का शक है. जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क को जोड़ने में लगी हैं. पेपर लीक विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद कर दिया है. सरकार ने घोषणा की है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीखों की जानकारी बाद में दी जाएगी.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के मुताबिक इस साल 22.79 लाख छात्रों ने NEET UG परीक्षा दी थी. यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5400 से ज्यादा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. पेपर लीक सामने आने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है. अब सभी की नजर CBI जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.