Aaj Ka Panchang: आज ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि है और इसी के साथ वट सावित्री अमावस्या व शनि जयंती श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। शनिवार के दिन पड़ने वाली यह अमावस्या बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि आज सौभाग्य और शोभन जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ, व्रत और दान करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है।
अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त में करें शुभ कार्य
पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी। सूर्योदय सुबह 5:30 बजे और सूर्यास्त शाम 7:05 बजे होगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा, जबकि अमृत काल दोपहर 1:15 बजे से 2:40 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल सुबह 8:54 बजे से 10:36 बजे तक रहेगा, जिसे अशुभ माना गया है।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव, जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक
आज शाम 5:30 बजे तक भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी शुक्रदेव और राशि स्वामी मंगलदेव हैं। इस नक्षत्र के देवता यमराज माने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार भरणी नक्षत्र में जन्मे लोग जिम्मेदार, मेहनती, अनुशासित और सिद्धांतों पर चलने वाले होते हैं। हालांकि कभी-कभी ये लोग अधिक नियंत्रण रखने वाले और मानसिक दबाव महसूस करने वाले भी हो सकते हैं।
शनिदेव की आराधना से मिलेगा न्याय और मानसिक शांति का आशीर्वाद
धार्मिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सूर्यपुत्र शनिदेव का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शनिदेव की पूजा, पीपल वृक्ष की परिक्रमा, तिल और तेल का दान विशेष फलदायी माना जाता है। वहीं विवाहित महिलाएं वट सावित्री व्रत रखकर पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।