Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर आनंद कुमार के बकाया वेतन भुगतान मामले में राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है. अदालत ने एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि जमा करने को कहा है और सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी भी जताई है.
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की अदालत में अवमानना याचिका पर हुई. कोर्ट ने निर्देश दिया कि बकाया वेतन की राशि डिमांड ड्राफ्ट के जरिए झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय में जमा कराई जाए. अदालत ने यह भी कहा कि यदि आनंद कुमार आवेदन देते हैं तो ग्रीष्मावकाश के दौरान भी उन्हें तुरंत डिमांड ड्राफ्ट उपलब्ध कराया जाए.
सुनवाई के दौरान वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए. वहीं याचिकाकर्ता आनंद कुमार भी कोर्ट में मौजूद रहे. राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने पक्ष रखा.
अदालत को बताया गया कि सेवा अवधि के दौरान वर्ष 2005 से 2007 तक की तीन वेतन वृद्धि की राशि रोक दी गई थी, जिसका भुगतान अब तक लंबित है. आनंद कुमार 31 मार्च 2023 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं.
राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि बकाया वेतन का भुगतान करने के लिए विभाग तैयार है, हालांकि यह भुगतान एलपीए संख्या 216/2025 में होने वाले अंतिम फैसले के अधीन रहेगा.
सरकार ने यह भी बताया कि पेंशन और अन्य सेवा लाभों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई है, जिस पर 13 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश पारित हुआ था.
फिलहाल अदालत ने विभागीय सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 जून 2026 को तय की है.