Jamshedpur News: झारखंड में लंबे समय से जारी बालू संकट अब समाप्त होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी के बाद रांची, बोकारो और जमशेदपुर के उपायुक्तों (DC) ने शनिवार को अलग-अलग बालू घाटों के खनन पट्टा (माइनिंग लीज) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इस प्रशासनिक कदम के बाद इन चिन्हित बालू घाटों से बालू के खनन और उठाव का कार्य तुरंत शुरू हो जाएगा, जिससे बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ेगी.
तीन जिलों के इन प्रमुख घाटों पर दी गई मंजूरी
सहमति पत्र के अनुसार, रांची के श्याम नगर रेत घाट (5.00 हेक्टेयर) और चोकेसरेंग रेत भंडार (3.50 हेक्टेयर) से सालाना भारी मात्रा में बालू उठाव को मंजूरी मिली है. इसी तरह बोकारो के पिछरी-2 (4.72 हेक्टेयर) और खेतको चालकारी (26.14 हेक्टेयर) तथा जमशेदपुर के कोरेयामोहनपाल (34.70 हेक्टेयर) और सुवर्णरेखा (46.30 हेक्टेयर) रेत घाटों पर खनन पट्टा साइन किया गया है.
नीलामी के बाद संशय खत्म, कालाबाजारी पर लगेगी रोक
झारखंड राज्य में कुल 444 बालू घाट हैं, जिनमें से अब तक 290 बालू घाटों की सफल नीलामी की जा चुकी है. अधिकारियों द्वारा माइनिंग लीज पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद पिछले कई महीनों से बालू उठाव को लेकर बना हुआ संशय पूरी तरह खत्म हो गया है. इस कदम से आम जनता को सही दामों पर बालू मिल सकेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी.
NGT की रोक से पहले खनन विभाग का बड़ा कदम
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा आगामी दिनों में बालू उठाव पर लगाए जाने वाले मानसून प्रतिबंध से ठीक पहले खनन विभाग का यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वैध तरीके से उठाव शुरू होने से राज्य में बालू की कालाबाजारी और अवैध ढुलाई पर पूरी तरह रोक लगने की उम्मीद है, जिससे आए दिन अवैध खनन को लेकर विभाग पर उठ रहे सवालों पर भी विराम लगेगा.