TMC Internal Rebellion:पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बड़ी बगावत सामने आई है। मगराहाट (पश्चिम) से तीन बार विधायक रह चुके और ममता बनर्जी सरकार में पूर्व मंत्री रहे गियासुद्दीन मोल्ला ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी और पुलिस अधिकारी मिथुन कुमार डे के खिलाफ दक्षिण 24 परगना के स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मोल्ला ने दावा किया कि वह लंबे समय से डर और दबाव में थे, इसलिए अब तक चुप रहे।
डर के साए में जी रहा था, बोले पूर्व विधायक
रविवार को शिकायत दर्ज कराने के बाद मोल्ला ने कहा कि उन्हें अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं से हमले और प्रताड़ना का डर था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व का विरोध करने वालों को निशाना बनाया जाता था। मोल्ला ने यह भी कहा कि अब उन्हें “नई सरकार” और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले प्रशासन पर भरोसा है, इसलिए उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
पूर्व SDPO पर गंभीर आरोप, लाठी लेकर दौड़े थे
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर के तत्कालीन SDPO मिथुन कुमार डे ने TMC कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की थी। मोल्ला के मुताबिक, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अधिकारी ने उन्हें भी धमकाया और लाठी लेकर उनकी ओर दौड़ पड़े। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले की जानकारी उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोल्ला ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने ये कदम अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर उठाए थे।
अभिषेक बनर्जी पर पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR
इसी बीच शुक्रवार रात को बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। उन पर विधानसभा चुनाव से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आरोपों को खारिज किया है।