Ranchi News : झारखंड में लगातार बढ़ रही पेट्रोल की कीमतों का असर अब गिग वर्कर्स पर साफ दिखाई देने लगा है। फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और कैब सर्विस से जुड़े कई कामगारों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है।गिग वर्कर्स का कहना है कि पहले जहां रोज की कमाई से अच्छी बचत हो जाती थी, वहीं अब पेट्रोल पर ज्यादा खर्च होने के कारण आर्थिक दबाव बढ़ गया है। कई डिलीवरी एजेंटों ने बताया कि उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन कंपनियों की ओर से मिलने वाला इंसेंटिव और भुगतान उसी अनुपात में नहीं बढ़ा है।
बढ़ते खर्च के कारण काम के घंटे बढ़ाने को मजबूर
रांची में काम कर रहे कई डिलीवरी पार्टनर और बाइक टैक्सी चालकों ने कहा कि बढ़ती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों के कारण उन्हें पहले से ज्यादा घंटे काम करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि दिनभर की कमाई का बड़ा हिस्सा अब पेट्रोल में ही खर्च हो जा रहा है।
कुछ गिग वर्कर्स ने यह भी कहा कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो उनके लिए इस काम को जारी रखना मुश्किल हो सकता है। उनका मानना है कि कंपनियों और सरकार दोनों को इस दिशा में राहत देने पर विचार करना चाहिए।
आम लोगों पर भी बढ़ रहा असर, महंगाई को लेकर चिंता
पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल गिग वर्कर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईंधन कीमतों में स्थिरता नहीं आई तो आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।