PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री Narendra Modi दो दिवसीय दौरे पर नॉर्वे की राजधानी Oslo पहुंच। करीब 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा है। इससे पहले वर्ष 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi ने नॉर्वे का दौरा किया था। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने गर्मजोशी दिखाई।
यूरोप के संकट के बीच भारत-नॉर्डिक साझेदारी पर बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब यूरोप सुरक्षा चुनौतियों, वैश्विक सप्लाई चेन संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों को और मजबूत बनाएगी।
राजा Harald V से मुलाकात, द्विपक्षीय वार्ता पर नजर
ओस्लो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह नॉर्वे के राजा Harald V और महारानी Sonya से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इस बैठक में व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, समुद्री सहयोग और तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में जुटे पांच बड़े देश
इस वर्ष तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी ओस्लो कर रहा है। सम्मेलन में भारत के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेता शामिल होंगे। यह सम्मेलन व्यापार, हरित ऊर्जा, समुद्री नवाचार, जलवायु सहयोग और नई तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और आर्कटिक सहयोग पर भारत की नजर
भारत अब अपनी यूरोपीय रणनीति में नॉर्डिक देशों को अहम स्थान दे रहा है। करीब 1.9 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त GDP वाले ये देश ग्रीन हाइड्रोजन, डीप-टेक, भू-तापीय ऊर्जा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी माने जाते हैं। भारत इन देशों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और आर्कटिक सहयोग को मजबूत करना चाहता है। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे व्यापार, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में कई सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।