Gamharia: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल अंतर्गत बोलायडीह में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। टाटा स्टील फाउंडेशन और गम्हरिया अंचल विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक चिकन शॉप (मुर्गा दुकान) से बाल श्रमिक को सुरक्षित मुक्त कराया। टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिनिधि रेखा कुमारी ने बताया कि क्षेत्र को चाइल्ड लेबर फ्री ज़ोन बनाने के संकल्प के तहत प्रशासन और उनकी टीम लगातार जागरूकता और छापेमारी अभियान चला रही है।
पढ़ना चाहता था मासूम, नशेड़ी माता-पिता और दुकानदार ने बनाया मजदूर
टीम को जानकारी मिली थी कि एक दंपति, जो अक्सर नशे की हालत में रहते हैं, अपने ही मासूम बच्चे से जबरन मजदूरी करवा रहे हैं। सबसे भावुक करने वाली बात यह सामने आई कि वह बालक खुद स्कूल जाकर पढ़ना चाहता था, लेकिन उसके अभिभावकों और चिकन शॉप के संचालक ने उसे जबरन काम पर लगाए रखा था। बच्चे की इस बेबसी की शिकायत मिलने पर अंचल निरीक्षक (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने तुरंत एक्शन लिया और दुकान पर दबिश देकर बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ाया।
दुकानदारों को कड़ी चेतावनी, प्रशासन की जनता से अपील
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अन्य दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कड़ी चेतावनी दी गई। अंचल विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम करवाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे बाल श्रम के मामलों के प्रति मूकदर्शक न बनें और ऐसे किसी भी मामले की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या चाइल्डलाइन को दें, ताकि मासूमों का बचपन बचाया जा सके।