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  • 2026-05-19

West Bengal Poltics: फलता पुनर्मतदान से पहले टीएमसी को झटका, उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान छोड़ा

West Bengal Poltics: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर होने वाले पुनर्मतदान से पहले राजनीतिक माहौल अचानक बदल गया है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि अब वह भविष्य में किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। जहांगीर खान को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। उनके इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

पुनर्मतदान से पहले गरमाई राजनीति
फलता विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यहां मतदान के दौरान धांधली और मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था। 21 मई को प्रस्तावित पुनर्मतदान से पहले इलाके में चुनाव प्रचार जारी है, लेकिन इस बार टीएमसी के बड़े नेताओं की सक्रियता काफी कम नजर आ रही है। खास बात यह रही कि Abhishek Banerjee भी प्रचार अभियान में दिखाई नहीं दिए।

इसी मुद्दे को लेकर भाजपा नेताओं ने टीएमसी पर लगातार हमला बोला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर अभिषेक बनर्जी प्रचार से दूर क्यों हैं। वहीं विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी तृणमूल कांग्रेस की चुप्पी को लेकर तंज कसा। भाजपा नेता दिलीप जीGhosh ने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और चुनावी हिंसा व दबाव की राजनीति करने वाले लोग पीछे हट रहे हैं।

‘पुष्पा’ बयान से चर्चा में आए थे जहांगीर खान
जहांगीर खान पहले भी अपने विवादित बयानों और आक्रामक छवि को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उनका नाम उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था, जब उनकी आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ तीखी बहस हुई थी। उस दौरान उन्होंने खुद की तुलना फिल्मी किरदार ‘पुष्पा’ से करते हुए चुनौतीपूर्ण अंदाज में बयान दिया था।
चुनाव के दौरान स्थानीय लोगों ने उन पर मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हुआ था और मामला काफी चर्चित रहा।

हाई कोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
जहांगीर खान का चुनावी मैदान छोड़ने का फैसला ऐसे समय आया है, जब हाल ही में उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी। चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज मामलों को लेकर अदालत ने निर्देश दिया था कि पुनर्मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

21 मई को होगा पुनर्मतदान
गौरतलब है कि 2026 West Bengal Legislative Assembly election के अधिकांश नतीजे पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन फलता सीट पर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया। फिलहाल क्षेत्र में चुनाव प्रचार जारी है और सभी दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

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