Seraikela: सरायकेला जिले में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम लोगों के साथ-साथ यातायात पुलिसकर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। तापमान लगातार 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऐसे में मुख्य चौराहों पर दिन-रात तैनात ट्रैफिक जवानों को कड़ी धूप में बिना पर्याप्त सुविधाओं के ड्यूटी करनी पड़ रही है। कई जगहों पर न तो शेड की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है।
डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा
लगातार तेज धूप में खड़े रहने से पुलिसकर्मियों पर डिहाइड्रेशन, लू और हीट स्ट्रोक का खतरा मंडरा रहा है। घंटों तक बिना आराम और पानी के ड्यूटी करने से उनकी शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। इसका असर ट्रैफिक व्यवस्था और कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है।
प्रशासन से जरूरी सुविधाएं देने की मांग
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।
- मुख्य चौराहों पर छायादार ट्रैफिक बूथ और शेड बनाए जाएं।
- ड्यूटी पर तैनात जवानों को नियमित रूप से ठंडा पानी, ओआरएस और ग्लूकोज उपलब्ध कराया जाए।
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक रोटेशन आधारित ड्यूटी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जवानों को लगातार धूप में न रहना पड़े।
सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील
स्थानीय व्यापार मंडल और सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की गई है कि वे चौराहों पर प्याऊ या पानी के मटकों की व्यवस्था कर ट्रैफिक जवानों की मदद करें।
हर मौसम में सेवा देने वालों की सुरक्षा जरूरी
यातायात पुलिसकर्मी हर मौसम में शहर की व्यवस्था संभालते हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के दौरान उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।