Ranchi News: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोकर खोरहा टोली से महज 18 महीने की मासूम बच्ची अदिति पांडेय के रहस्यमय तरीके से गायब होने के बाद 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. पुलिस प्रशासन द्वारा बच्ची की सही जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा के बावजूद कोई ठोस इनपुट हाथ नहीं लगा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश और स्थानीय लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन व कैंडल मार्च के बीच पुलिस हर संभावित एंगल से जांच कर रही है, लेकिन लगातार निराशा ही हाथ लग रही है.
एनडीआरएफ ने बंद किया सर्च ऑपरेशन, परिजनों को अपहरण की आशंका, फिरौती के कॉल्स ने बढ़ाया तनाव
शुरुआती जांच में घर के पास के बड़े नाले में बच्ची के बहने की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने नाले और आसपास की झाड़ियों में कई दिनों तक सघन तलाशी अभियान चलाया था. हालांकि, कोई सुराग न मिलने के बाद टीम ने फिलहाल अपने हाथ खड़े कर दिए हैं. दूसरी ओर, अदिति के परिजनों का कहना है कि बच्ची कभी अकेले नाले की तरफ नहीं जाती थी, इसलिए उन्हें आशंका है कि उसका अपहरण किया गया है. इस बीच, पीड़ित परिवार को कुछ साइबर ठगों द्वारा फिरौती और धमकी भरे कॉल्स कर पैसे ऐंठने की कोशिश के मामले भी सामने आए हैं, जिनकी पुलिस अलग से तकनीकी जांच कर रही है.
सीसीटीवी फुटेज में नहीं मिला कोई क्लू, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए कुछ अवशेष
सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में क्राइम सीन का री-क्रिएशन भी किया था. पुलिस की टीमें लगातार इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, लेकिन घटना के तय समय के बाद से बच्ची की कोई मूवमेंट या किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही कैमरों में दर्ज नहीं मिली है. इस बीच, नाले की झाड़ियों से एक जीव का मांस और हड्डी का अवशेष मिला था, जिसे पुलिस ने शुरुआती जांच में जानवर का बताया है, हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए उसे फॉरेंसिक (FSL) जांच और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है.
तेज बहाव के कारण स्वर्णरेखा नदी से गेतलसुद डैम तक पहुंचा पानी, अब वहां पानी में तलाशी की तैयारी
जिस दिन मासूम अदिति लापता हुई थी, उसके बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश दर्ज की गई थी. भारी बारिश के चलते घर के पास वाले नाले में पानी का बहाव बेहद तेज था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नाले का निकास स्वर्णरेखा नदी में होता है और उस नदी का पानी सीधे गेतलसुद डैम तक पहुंचता है. इसी तकनीकी संभावना को ध्यान में रखते हुए रांची पुलिस ने अब गेतलसुद डैम के विशाल जलक्षेत्र और नाले से लेकर डैम तक के पूरे नदी मार्ग में एक नया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है.