National News: सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी का नाम तेजी से चर्चा में है. छत्रपति संभाजीनगर के युवा अभिजीत दीपके अपने वीडियो और सवालों के जरिए रोजगार, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं. कानूनी मान्यता न होने के बावजूद उनकी यह ऑनलाइन मुहिम लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है. लेकिन बेटे की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनकी मां के मन में डर और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
बेटे की बढ़ती पहचान से मां को सताने लगा अनहोनी का डर
अभिजीत दीपके की मां अनिता दीपके ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान बेटे की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि जब से अभिजीत सोशल मीडिया पर तेजी से मशहूर हुआ है, तब से उन्हें हर समय डर बना रहता है. अनिता दीपके ने कहा कि उन्हें चिंता रहती है कि कहीं कोई उनके बेटे को नुकसान न पहुंचा दे, क्योंकि राजनीति और सत्ता की दुनिया में कुछ भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि एक दिन उन्हें एक लड़की का फोन आया, जिसने अभिजीत की कॉकरोच जनता पार्टी और उसके सोशल मीडिया अभियान के बारे में जानकारी दी. उसी के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनका बेटा जिस रास्ते पर चल पड़ा है, वह जितना साहसी है उतना ही जोखिम भरा भी है.
राजनीति की दुनिया को लेकर मां ने जताई चिंता
अनिता दीपके का कहना है कि राजनीति बेहद कठिन और तनाव भरा क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर नेताओं पर स्याही फेंकी जाती है और चप्पल तक चल जाती है. ऐसे माहौल में वह अपने इकलौते बेटे को नहीं देखना चाहतीं. उन्होंने यह भी बताया कि जब अभिजीत पहले आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ा हुआ था, तब उन्हें इतनी चिंता नहीं होती थी. लेकिन अब जिस तरह वह सोशल मीडिया पर खुलकर सरकार और व्यवस्था से सवाल कर रहा है, उससे उनका डर और बढ़ गया है.
परिवार राजनीति से दूर, मां चाहती हैं बेटा नौकरी कर स्थिर जीवन जिए
अनिता दीपके ने साफ कहा कि उनके परिवार का राजनीति से कभी कोई संबंध नहीं रहा. वह चाहती हैं कि अभिजीत अपनी पढ़ाई पूरी करे और एक अच्छी नौकरी कर शांत और सुरक्षित जिंदगी बिताए. बातचीत के दौरान उन्होंने भावुक होकर बताया कि पिछले करीब एक साल से उनकी बेटे से आमने सामने मुलाकात तक नहीं हुई है. अभिजीत अपने काम और गतिविधियों में इतना व्यस्त रहता है कि कभी कभी ही फोन पर बातचीत हो पाती है.
अभिजीत के राजनीतिक रास्ते को मां का समर्थन नहीं
अनिता दीपके ने अंत में अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर अभिजीत आगे चलकर पूरी तरह राजनीति में उतरने का फैसला करता है, तो उन्हें यह मंजूर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि एक मां होने के नाते उनकी सबसे बड़ी इच्छा सिर्फ इतनी है कि उनका बेटा सुरक्षित रहे और सामान्य जीवन जिए. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि वह आज भी यही दुआ करती हैं कि अभिजीत वापस घर लौटे और अपने भविष्य को स्थिर दिशा दे.