Jamshedpur News: जमशेदपुर के एनआईटी आदित्यपुर परिसर में शुक्रवार से 37 झारखंड बटालियन एनसीसी का 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया. इस शिविर में राज्य के अलग अलग विद्यालयों और महाविद्यालयों से पहुंचे सैकड़ों कैडेट हिस्सा ले रहे हैं. शिविर का उद्देश्य युवाओं के भीतर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशसेवा की भावना को मजबूत करना है.
कर्नल विनय आहूजा ने किया शिविर का उद्घाटन, बड़ी संख्या में पहुंचे कैडेट
प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन 37 झारखंड बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विनय आहूजा ने किया. इस दौरान भारतीय सेना के कई अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे. इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के एएनओ और केयरटेकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए. इस वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में 32 स्कूलों और कॉलेजों के कुल 530 कैडेट भाग ले रहे हैं. इनमें छात्र और छात्राएं दोनों शामिल हैं. शिविर के पहले दिन कैडेटों में खासा उत्साह देखने को मिला.
कैडेटों को सैन्य जीवन, अनुशासन और नेतृत्व की दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
10 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में कैडेटों को सैन्य जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ड्रिल, फायरिंग, मैप रीडिंग और हथियार संचालन जैसी जरूरी सैन्य प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया जाएगा. इसके साथ ही ऑब्स्टिकल प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और अनुशासन बनाए रखने पर भी विशेष फोकस किया जाएगा. एनसीसी अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के शिविर युवाओं के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं.
राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना मजबूत करने पर रहेगा जोर
शिविर के दौरान केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि कैडेटों के भीतर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सेवा और देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा. विभिन्न गतिविधियों और सत्रों के माध्यम से कैडेटों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी जाएगी. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कर्नल विनय आहूजा ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी का मूल मंत्र एकता और अनुशासन है. उन्होंने सभी कैडेटों को देशसेवा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में अनुशासन को अपनाने के लिए प्रेरित किया.
युवाओं के व्यक्तित्व विकास में अहम माने जाते हैं ऐसे शिविर
एनसीसी के इस वार्षिक प्रशिक्षण शिविर को युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है. ऐसे शिविर न केवल कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण से जोड़ते हैं बल्कि उनमें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और नेतृत्व जैसे गुण भी विकसित करते हैं. आने वाले 10 दिनों तक एनआईटी आदित्यपुर परिसर में अनुशासन और प्रशिक्षण का माहौल देखने को मिलेगा.