Jamshedpur: जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाज व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक महिला मरीज को ऑपरेशन थिएटर (OT) तक ले जाकर एनेस्थीसिया देने के बाद बिना सर्जरी किए वापस वार्ड भेज दिया गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
पित्त की पथरी के इलाज के लिए भर्ती थी महिला
जानकारी के अनुसार, छोटा गोविंदपुर निवासी शांति देवी को पित्त की पथरी की शिकायत के बाद एमजीएम अस्पताल के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उनका ऑपरेशन निर्धारित था। परिजनों का आरोप है कि सभी तैयारियां पूरी होने के बाद महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया और उन्हें एनेस्थीसिया भी दिया गया। हालांकि, कुछ देर बाद बिना सर्जरी किए ही उन्हें वापस वार्ड में भेज दिया गया।
मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों का हंगामा
परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा मरीज को भुगतना पड़ा। उनका आरोप है कि बेहोशी की दवा देने के बाद अचानक ऑपरेशन रोक देना गंभीर लापरवाही है। घटना के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे परिजन भड़क उठे और अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल प्रशासन ने बनाई जांच कमेटी
मामले के तूल पकड़ने के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इस टीम की अध्यक्षता शिशुरोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार करेंगे। कमेटी में डॉ. उमाशंकर सिंह, डॉ. वाई सांगा और डॉ. इला झा को भी शामिल किया गया है। जांच टीम को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. सरवर आलम ने दी सफाई
सर्जरी विभाग के यूनिट इंचार्ज डॉ. सरवर आलम ने सफाई देते हुए कहा कि मरीज को उनकी अनुमति के बिना ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय वे आधिकारिक कार्य में व्यस्त थे और उनसे पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। उनका दावा है कि उनकी टीम ऑपरेशन के लिए तैयार थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
डॉ. सरवर आलम को जारी हुआ शो-कॉज नोटिस
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने डॉ. सरवर आलम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्राचार्य ने 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि वे अक्सर विभाग और यूनिट में अनुपस्थित रहते हैं तथा देर से अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी होती है और ऑपरेशन कार्य प्रभावित होता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इससे अस्पताल की छवि खराब हो रही है।
एमजीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्था फिर चर्चा में
इस घटना के बाद एमजीएम अस्पताल की अव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई हैं। अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़, स्ट्रेचर की कमी और वार्डों में अव्यवस्था जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। शनिवार को अस्पताल की इमरजेंसी और बरामदों तक मरीजों की भीड़ देखी गई। कई मरीजों को जमीन पर बैठकर इलाज कराना पड़ा।
यह मामला अब केवल एक मरीज तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी, डॉक्टरों के बीच तालमेल की समस्या और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।