Adityapur: आदित्यपुर के एस-टाइप चौक स्थित दुकानों को लेकर रविवार को बड़ा विवाद सामने आया। दुकानदारों का आरोप है कि शंभू सिंह नामक व्यक्ति ने दबंगई दिखाते हुए आवास बोर्ड द्वारा आवंटित दुकानों पर बुलडोजर चलवा दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
दुकानदार बोले- बिना नोटिस तोड़ी गई दुकान
दुकानदार हेमंत कुमार दास ने बताया कि उनकी दुकान करीब 35 से 40 वर्ष पुरानी है और आवास बोर्ड द्वारा विधिवत आवंटित की गई थी। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से किराया भी जमा करते रहे हैं। इसके बावजूद रविवार को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के निजी लोगों को बुलाकर दुकान को जबरन तोड़ दिया गया।
विरोध पर पहुंची पुलिस, बढ़ा विवाद
दुकानदारों द्वारा विरोध किए जाने पर मौके पर पुलिस पहुंची। इस दौरान कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन होता नहीं दिखा, जिससे लोगों में नाराजगी है।
हरे-भरे पेड़ों को भी काटने का आरोप
तोड़फोड़ के दौरान इलाके में लगे कई हरे-भरे पेड़ों को भी जड़ से गिरा दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रभारी डीएफओ ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों को काटना वन अधिनियम का उल्लंघन है और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदारों ने उठाए कई सवाल
घटना के बाद दुकानदारों ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब दुकान आवास बोर्ड द्वारा आवंटित थी और किराया नियमित जमा किया जा रहा था, तो बिना नोटिस कार्रवाई क्यों की गई। साथ ही सरकारी जमीन पर तोड़फोड़ के लिए निजी लोगों को किसने अधिकृत किया और हरे पेड़ों को काटने की अनुमति किस आधार पर दी गई।
प्रशासन से न्याय की मांग
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं प्रभावित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।