Tata Sons Meeting: टाटा संस के निदेशक मंडल की मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में समूह की उन कंपनियों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी, जो लगातार नुकसान में चल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक कई कंपनियां अपने कारोबार की मौजूदा स्थिति और भविष्य की रणनीति को लेकर बोर्ड के सामने प्रस्तुति भी दे सकती हैं। हालांकि जानकारी यह भी सामने आई है कि बैठक में नटराजन चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार या दोबारा चेयरमैन बनाए जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना नहीं है।
समूह के भीतर मतभेद की चर्चा तेज
यह बैठक ऐसे समय आयोजित हो रही है, जब टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सूत्रों का कहना है कि सप्ताहांत में Noel Tata और चंद्रशेखरन के बीच समूह कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर बातचीत भी हुई थी।
बताया जा रहा है कि वित्त वर्ष 2024-25 में समूह के गैर-सूचीबद्ध कारोबार को 10,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जो आगे बढ़कर करीब 29 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
एयर इंडिया और डिजिटल कारोबार को लेकर चिंता
सूत्रों के अनुसार, नोएल टाटा को समूह के कुछ प्रमुख कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर चिंता है। इनमें Air India, टाटा डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़े व्यवसाय शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन कारोबारों में से कई की शुरुआत चंद्रशेखरन के नेतृत्व के दौरान हुई थी।
इसके अलावा टाटा संस के संभावित आईपीओ को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने टाटा संस को एक बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मानते हुए सूचीबद्ध होने की दिशा में कदम उठाने को कहा है।
पारदर्शिता बढ़ाने की मांग
इसी बीच प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म InGovern ने कहा है कि टाटा संस जैसी बड़ी कंपनी का शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना जरूरी है। फर्म का मानना है कि इससे कॉरपोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
फिलहाल टाटा ट्रस्ट्स की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।