CJP Party Update: सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी अब डिजिटल व्यंग्य आंदोलन से आगे बढ़कर राजनीतिक पहचान पाने की कोशिश में जुट गई है. हरियाणा के पानीपत निवासी 35 वर्षीय युवा वकील सुधीर जाखड़ ने इस संगठन को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराने के लिए निर्वाचन आयोग में आवेदन दिया है. उन्होंने खुद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाने का भी प्रस्ताव रखा है. जाखड़ ने बताया कि 27 मई 2026 को इस संबंध में कुछ नए दस्तावेज फिर से आयोग में जमा किए जाएंगे.
सीजेआई की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था ऑनलाइन आंदोलन
सुधीर जाखड़ का कहना है कि देशभर में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी को लेकर लोगों में नाराजगी और भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं को तिलचट्टों की तरह और समाज का परजीवी बताया गया था. हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया.
इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन तेजी से वायरल हो गया. इस आंदोलन की शुरुआत अभिजीत दीपके ने की थी और देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर इससे लाखों लोग जुड़ गए.
संस्थापक के विदेश में होने के कारण उठाया कदम
सुधीर जाखड़ ने कहा कि चूंकि इस डिजिटल संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके फिलहाल विदेश में हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि वह कब लौटेंगे, इसलिए उन्होंने खुद आगे आकर इसे राजनीतिक रूप देने का फैसला लिया.
उन्होंने कहा कि जब बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से भावनात्मक रूप से जुड़ चुके हैं, तब इसे संगठित रूप देना जरूरी महसूस हुआ. उनके मुताबिक राजनीतिक संगठन के तौर पर पंजीकरण कराना ही इसे आगे बढ़ाने का सबसे बेहतर तरीका है.
छात्र राजनीति और किसान आंदोलन से जुड़ा रहा है वकील
सुधीर जाखड़ ने अपने राजनीतिक और सामाजिक सफर के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि युवावस्था में वह छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं. इसके अलावा तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी.
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज किए गए थे. जाखड़ का दावा है कि उनका प्रस्तावित राजनीतिक आंदोलन जनता केंद्रित लोकतांत्रिक पहल के रूप में काम करेगा.
संविधान जागरूकता से लेकर पारदर्शिता तक पर फोकस
प्रस्तावित संगठन ने खुद को सामुदायिक सेवा, संवैधानिक जागरूकता, सामाजिक जवाबदेही, पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण और शासन में पारदर्शिता जैसे मुद्दों के लिए समर्पित बताया है. इसके साथ ही भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है.
X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला
कॉकरोच जनता पार्टी का मामला अब कानूनी मोड़ भी ले चुका है. राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सरकार ने पार्टी के X हैंडल को बंद कर दिया था. इसके खिलाफ अभिजीत दीपके ने 26 मई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल कर पार्टी की गतिविधियों और कथित फर्जी कानून की डिग्रियों की जांच की मांग की गई है. इससे यह मामला अब सोशल मीडिया विवाद से निकलकर राजनीतिक और कानूनी बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है.
कॉकरोच लोगो पर भी उठे सवाल
निर्वाचन आयोग को दिए गए आवेदन में पार्टी का कॉकरोच लोगो भी शामिल किया गया है. हालांकि चुनाव आयोग की मुक्त चुनाव चिह्न सूची में किसी भी प्रकार के कीड़े या इन्सेक्ट को चुनाव चिह्न के रूप में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग इस आवेदन और लोगो को लेकर क्या फैसला लेता है.