Ranchi News: रांची स्थित रिम्स अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और उनके परिजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिफ्ट सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन की ओर से छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य लिफ्ट ऑपरेटरों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार करना है. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 मई से शुरू हुआ है और 30 मई तक चलेगा.
तकनीकी विशेषज्ञ ऑपरेटरों को सिखा रहे आपातकालीन रेस्क्यू की प्रक्रिया
रिम्स प्रशासन की देखरेख में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जॉनसन, ओटिस, कोने और आरोही जैसी कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए हैं. ये विशेषज्ञ अस्पताल के लिफ्ट ऑपरेटरों को तकनीकी खराबी, बिजली कटने या किसी अन्य वजह से लिफ्ट रुक जाने की स्थिति में सुरक्षित रेस्क्यू करने की ट्रेनिंग दे रहे हैं.
प्रशिक्षण के दौरान ऑपरेटरों को यह सिखाया जा रहा है कि अगर लिफ्ट में मरीज, डॉक्टर या तीमारदार फंस जाएं तो उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर कैसे निकाला जाए. अस्पताल प्रशासन का मानना है कि आपात स्थिति में सही और त्वरित कार्रवाई कई लोगों की जान बचा सकती है.
मॉक ड्रिल के जरिए दी जा रही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है. ऑपरेटरों को लाइव मॉक ड्रिल के जरिए मैन्युअल रेस्क्यू ऑपरेशन और ब्रेक रिलीज की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है. उन्हें हर परिस्थिति में शांत रहकर काम करने और तकनीकी तरीके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जानकारी दी जा रही है.
इसके साथ ही ऑपरेटरों को यह भी बताया जा रहा है कि लिफ्ट में फंसे मरीजों और अन्य लोगों को मानसिक रूप से कैसे शांत रखा जाए ताकि वे घबराहट या डर का शिकार न हों. अस्पताल में आने वाले कई मरीज गंभीर हालत में होते हैं, इसलिए ऐसी स्थिति में संयम और सतर्कता बेहद जरूरी मानी जा रही है.
सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक से ट्रॉमा सेंटर तक चल रहा प्रशिक्षण
रिम्स प्रशासन के अनुसार अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और लिफ्ट सुविधा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है. खासकर गंभीर मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाने में लिफ्ट की बड़ी भूमिका रहती है.
इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल के सभी लिफ्ट ऑपरेटरों को 24 घंटे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है. यह प्रशिक्षण रिम्स के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, ट्रॉमा सेंटर और मुख्य अस्पताल भवन समेत विभिन्न विंग्स में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है.
रिम्स प्रशासन का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े.