Ranchi News : झारखंड में लंबे समय से जारी बालू संकट के बीच आम लोगों और निर्माण कार्यों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के रांची, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम जिलों के छह बालू घाटों से शनिवार से वैध रूप से बालू उठाव शुरू होने की संभावना है।जानकारी के अनुसार इन घाटों को संचालन के लिए जरूरी कंसेंट टू ऑपरेट मिल चुका है और बाकी औपचारिकताएं भी अंतिम चरण में हैं।
444 घाटों में से 299 की नीलामी पूरी
राज्य में कुल 444 बालू घाट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 299 घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 145 घाटों की प्रक्रिया अभी लंबित है। अब तक 35 घाटों को पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है और इनमें 21 घाटों की लीज डीड भी पूरी कर ली गई है। हाल ही में छह नए घाटों को भी पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इन घाटों से शुरू हो सकता है उठाव
रांची जिले के श्यामनगर और चोकेसोरेंग बालू घाट से उत्पादन और उठाव शुरू होने की संभावना है। वहीं बोकारो के पिचड़ी-2 और खेतको चलकारी घाट से भी बालू निकासी की तैयारी चल रही है। पूर्वी सिंहभूम जिले के कोरेयामोहनपाल और स्वर्णरेखा घाट से भी जल्द संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मॉनसून रोक से पहले भंडारण पर जोर
अधिकारियों के अनुसार संबंधित निजी कंपनियों को घाट संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। कई घाटों में ग्रामसभा समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और सीटीई तथा सीटीओ की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सरकार ने सभी लीजधारकों को निर्देश दिया है कि 10 जून से लागू होने वाली एनजीटी की मॉनसून रोक से पहले अधिक से अधिक बालू का भंडारण कर लिया जाए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों। एनजीटी के नियमों के तहत 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन और परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा।