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  • 2026-05-30

Simdega News: मंईयां सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, सिमडेगा में पुरुष ने महिला बनकर 10 महीने तक उठाई सम्मान राशि, बीडीओ ने दर्ज कराई एफआईआर

Simdega: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में एक पुरुष द्वारा महिला बनकर योजना का लाभ लेने का खुलासा हुआ है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

सत्यापन अभियान में पकड़ी गई गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार, प्रखंड में चल रहे डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान के दौरान टिनगीना पंचायत में अनियमितता का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि टिनगीना निवासी पंकज नाग ने महिलाओं के नाम पर फर्जी आवेदन कर मंईयां सम्मान योजना का लाभ प्राप्त किया।

10 महीने तक खाते में आती रही सम्मान राशि
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 से मार्च 2026 तक पंकज नाग ने हर महीने 2500 रुपये की सम्मान राशि अपने खाते में प्राप्त की। इस तरह उसने कुल 30 हजार रुपये की सरकारी सहायता राशि फर्जी तरीके से हासिल कर ली।

बीडीओ ने दर्ज कराई प्राथमिकी
मामले की जानकारी मिलते ही जलडेगा के प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने जलडेगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में टिनगीना निवासी पंकज नाग और पियोसोकरा निवासी प्रज्ञा केंद्र संचालक कुमार चाणक्य को नामजद आरोपी बनाया गया है।

सीएससी आईडी के दुरुपयोग का आरोप
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुमार चाणक्य ने अपनी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) आईडी पंकज नाग को उपयोग के लिए उपलब्ध कराई थी। इसी आईडी के माध्यम से मंईयां सम्मान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था।

पंचायत सचिव से भी मांगा गया जवाब
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टिनगीना पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव सनातन सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का मानना है कि पूरे प्रकरण में लापरवाही अथवा मिलीभगत की जांच की जा रही है।

राशि की रिकवरी, बैंक खाता भी होल्ड
जलडेगा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने आरोपी से 30 हजार रुपये की वसूली कर राशि नजारत में जमा करा दी है। साथ ही संबंधित बैंक खाते को भी होल्ड कर दिया गया है।

जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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