Bokaro Crime News: बोकारो के बेरमो थाना क्षेत्र के पांच नंबर धौड़ा में हुए एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के मामले में नामजद सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
पड़ोसियों के बीच विवाद बना खूनी संघर्ष
जानकारी के अनुसार, 29 मई की रात करीब नौ बजे पांच नंबर धौड़ा निवासी अनीता देवी का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और विवाद इतना बढ़ गया कि महिला पर हमला कर दिया गया.
हमले में अनीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं और घटनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं. परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए ढोरी स्थित रीजनल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पति की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद मृतका के पति महेश भुइयां ने बेरमो थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.
विशेष टीम गठित कर शुरू हुई छापेमारी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया. टीम ने अलग-अलग संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बबलू कुमार, सुरेंद्र भुइयां, वीरेंद्र कुमार भारती, राहुल दिगार, धीरेन भुइयां और राजेश कुमार शामिल हैं. सभी आरोपी स्थानीय क्षेत्र के ही निवासी बताए जा रहे हैं.
24 घंटे के भीतर सभी आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हत्या की घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चौबीस घंटे के भीतर सभी छह प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. न्यायालय में पेशी के बाद सभी को रविवार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. यदि घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस शेष संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है.
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो.