Jharkhand News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सोमवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठनात्मक गतिविधियों, मतदाता मैपिंग अभियान और मीडिया प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने शहरी क्षेत्रों में मतदाता मैपिंग की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से भी मुलाकात कर चुका है.
ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में धीमी है प्रगति
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता मैपिंग का कार्य लगभग 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जबकि शहरी क्षेत्रों में इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी है. उन्होंने बताया कि कई बड़े शहरों में अब भी बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग का काम बाकी है.
पार्टी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, रांची में 3,93,176 मतदाताओं में से 1,83,170 का मैपिंग कार्य पूरा हुआ है, जो 46.59 प्रतिशत है. बोकारो में 5,96,871 मतदाताओं में से 3,16,272 यानी लगभग 53 प्रतिशत का मैपिंग हुआ है. धनबाद में 4,75,244 मतदाताओं में से 2,41,918 मतदाताओं का सत्यापन किया गया है, जो 50.9 प्रतिशत है. वहीं जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में यह आंकड़ा करीब 52 प्रतिशत बताया गया.
BLO के कामकाज पर उठाए सवाल
केशव महतो कमलेश ने कहा कि कई स्थानों पर बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) के कार्य में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में प्रशिक्षण की कमी और कार्य निष्पादन में लापरवाही के कारण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. पार्टी ने चुनाव आयोग से इस दिशा में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है.
मीडिया प्रवक्ताओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि 3 जून को रांची प्रेस क्लब में पार्टी के नवनियुक्त मीडिया प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस एक दिवसीय कार्यशाला में 48 से 58 प्रवक्ता शामिल होंगे. इसके अलावा टैलेंट हंट के माध्यम से चयनित 15 प्रतिभागी भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनेंगे.
कई विषयों पर होंगे सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान समाचार लेखन, प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने की प्रक्रिया, टेलीविजन बहस में प्रभावी प्रस्तुति, डिजिटल मीडिया के साथ संवाद, पार्टी की विचारधारा और इतिहास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सत्र लिए जाएंगे.
छह माह तक होगी प्रदर्शन की निगरानी
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रवक्ताओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी. अनुपस्थित रहने वालों को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा. कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार सभी प्रवक्ताओं को छह महीने की प्रोबेशन अवधि पर रखा जाएगा और उनके कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी.