Jharkhand: चतरा जिले के टंडवा स्थित मगध और आम्रपाली कोयला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अनिश्चय गंझू को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। एनआईए की विशेष अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार, अनिश्चय गंझू चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र का निवासी है और वह 6 जून 2020 से न्यायिक हिरासत में है। यह मामला वर्ष 2018 में दर्ज टेरर फंडिंग केस से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है।
टीपीसी के लिए लेवी वसूली का आरोप
एनआईए की जांच में अनिश्चय गंझू पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के लिए धन जुटाने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कोयला खनन क्षेत्र में भय का माहौल बनाता था और स्थानीय ठेकेदारों, कारोबारियों एवं अन्य लोगों से लेवी वसूलने का काम करता था। यह मामला मूल रूप से टंडवा थाना से संबंधित है। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने इसे अपने हाथ में लिया और अलग से प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
अन्य आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
इस मामले में शामिल कई अन्य आरोपियों को विभिन्न अदालतों से जमानत मिल चुकी है। इनमें सुदेश केडिया, संजय जैन, महेश अग्रवाल, अजय कुमार, अजीत कुमार ठाकुर और सुभान मियां समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। विशेष एनआईए अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अनिश्चय गंझू को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई जारी है।