फेसबुक पर दिखे विज्ञापन ने रिटायर्ड आर्मी अधिकारी को लगाया लाखों का चूना
पहला मामला मुंबई के खार इलाके से सामने आया है. यहां 82 वर्षीय रिटायर्ड आर्मी अधिकारी सोशल मीडिया पर दिखे ड्राई फ्रूट के एक आकर्षक विज्ञापन के झांसे में आ गए. विज्ञापन में 900 रुपये प्रति किलो की दर से ड्राई फ्रूट बेचने का दावा किया गया था.
विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद अधिकारी ने भुगतान कर दिया. इसके कुछ समय बाद ठगों ने उन्हें बताया कि गलती से उनके खाते में 900 रुपये अतिरिक्त भेज दिए गए हैं और कुल 1800 रुपये ट्रांसफर हो गए हैं. इस पर अधिकारी ने अतिरिक्त राशि के बदले और ड्राई फ्रूट भेजने की बात कही.
इसी दौरान साइबर अपराधियों ने किसी तरह उनके यूपीआई खाते तक पहुंच बना ली और बैंक खाते से करीब 1 लाख 24 हजार रुपये निकाल लिए.
मोबाइल अचानक रीसेट हुआ और खाते से गायब हो गए एक लाख रुपये
दूसरी घटना माहिम इलाके की है, जहां CISF के 34 वर्षीय जवान साइबर ठगी का शिकार हो गए. जवान के अनुसार वह अपने मोबाइल फोन की जांच कर रहे थे, तभी अचानक फोन रीसेट मोड में चला गया.
फोन दोबारा चालू होने के बाद उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते से लगभग 1 लाख रुपये की राशि गायब हो चुकी है. शुरुआती जांच में मामला तकनीकी धोखाधड़ी से जुड़ा माना जा रहा है.
दोनों मामलों की जांच में जुटी पुलिस और साइबर सेल
इन दोनों घटनाओं के बाद खार और माहिम पुलिस स्टेशनों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस साइबर सेल की मदद से ठगों के डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है.
साइबर अपराधों का बढ़ता खतरा बना चिंता का विषय
मुंबई में सामने आए ये दोनों मामले इस बात का संकेत हैं कि साइबर अपराधी अब केवल आम लोगों को ही नहीं बल्कि सुरक्षा बलों और सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों को भी निशाना बना रहे हैं. ऐसे में ऑनलाइन भुगतान, सोशल मीडिया विज्ञापनों और डिजिटल लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है.