Jharkhand: 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज (आरोपमुक्त) याचिका पर पीएमएलए की विशेष अदालत 8 जून को अपना फैसला सुनाएगी। मामले में दोनों पक्षों की बहस 2 मई को पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।
खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपमुक्त करने की मांग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज याचिका में कहा गया है कि वह इस मामले में निर्दोष हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन एवं निराधार हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्हें मामले से आरोपमुक्त किया जाना चाहिए। मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को विशेष अदालत में याचिका दाखिल कर खुद को आरोपमुक्त किए जाने की मांग की थी। अदालत उसी याचिका पर सुनवाई कर रही है।
ईडी ने दाखिल की है चार्जशीट
जमीन फर्जीवाड़े और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले की जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी और कई लोगों से पूछताछ की थी। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने हेमंत सोरेन समेत करीब डेढ़ दर्जन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। गौरतलब है कि ईडी ने 31 जनवरी 2024 को लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। बाद में 28 जून 2024 को उन्हें Jharkhand High Court से जमानत मिल गई थी।
8 जून के फैसले पर टिकी निगाहें
अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की नजरें 8 जून को आने वाले अदालत के फैसले पर टिकी हैं। अदालत के आदेश से यह स्पष्ट होगा कि हेमंत सोरेन को मामले में आरोपमुक्त किया जाता है या उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।