Adityapur News: आगामी मानसून सीजन को देखते हुए इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी रिफॉर्म आर्गेनाइजेशन (इसरो) ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. संस्था के अध्यक्ष रूपेश कतरियार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जियाडा और बिजली विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी ढांचा सुधारने, जलजमाव से मुक्ति और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा.
जियाडा जून में शुरू कराएगा सड़कों व नालों की मरम्मत
प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक दिनेश रंजन से मुलाकात कर औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर आंतरिक सड़कों पर गहरी चिंता जताई. अध्यक्ष रूपेश कतरियार ने कहा कि सड़कों के बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भरने से हादसों का डर बना रहता है. साथ ही, मानसून में जलजमाव रोकने के लिए जाम नालों की तुरंत सफाई की मांग की गई. इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जियाडा प्रशासन ने जून महीने में ही इन कार्यों को शुरू कराने का भरोसा दिया है.
आंधी-तूफान में बिजली कटने से उद्यमी परेशान
सड़कों के अलावा प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता संदीप कुमार से भी मुलाकात कर उद्यमियों की चिंताएं सामने रखीं. संस्था ने कहा कि मानसून के दौरान हल्की आंधी में भी घंटों बिजली गुल रहने से उद्योगों को भारी उत्पादन नुकसान होता है. इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्तमान ओवरहेड बिजली वितरण सिस्टम को जल्द से जल्द भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने की पुरजोर मांग की गई.
जून के भीतर पूरा होगा अंडरग्राउंड केबलिंग का काम
विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में भूमिगत केबलिंग का जो भी काम अधूरा बचा हुआ है, उसे जून महीने के भीतर ही हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा. इससे स्थानीय उद्यमियों को बिजली कटौती से बड़ी राहत मिलेगी. अंत में अध्यक्ष ने दोहराया कि “इसरो” संगठन छोटे और मझोले उद्यमियों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं का समाधान कराने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है.