Jharkhand: झारखंड पुलिस की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी दक्षता को और मजबूत बनाने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर राज्य की विशेष शाखा ने राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NATGRID) परियोजना के तहत गांडीव और सुदर्शन एप्लीकेशन के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस प्रशिक्षण में राज्य के सभी डीएसपी और थाना प्रभारी शामिल होंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगा प्रशिक्षण
विशेष शाखा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को NATGRID से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं और एप्लीकेशनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे आधुनिक खुफिया तंत्र का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
हर थाना और डीएसपी कार्यालय को नेटवर्क से जोड़ने की योजना
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी पुलिस थानों और डीएसपी कार्यालयों को NATGRID नेटवर्क से जोड़ना है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए जमीनी स्तर पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है।
10 से 15 जून के बीच होगा प्रशिक्षण आयोजन
विशेष शाखा की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जून से 15 जून तक विभिन्न चरणों में आयोजित किया जाएगा। सभी सत्र निर्धारित तिथियों पर सुबह 11:30 बजे से ऑनलाइन संचालित होंगे।
जिलावार तय किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम
10 जून को रामगढ़, बोकारो, धनबाद, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह जिले के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 11 जून को सिमडेगा, रांची, खूंटी, लोहरदगा और गुमला के पुलिस पदाधिकारी इसमें शामिल होंगे।
इसके बाद 12 जून को पाकुड़, गोड्डा, साहेबगंज, देवघर, दुमका और रेल धनबाद इकाई के अधिकारियों के लिए सत्र आयोजित होगा। वहीं सरायकेला-खरसावां, चाईबासा, जमशेदपुर, पलामू, लातेहार और गढ़वा जिले के अधिकारियों के लिए भी अलग चरण में प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है।
आधुनिक तकनीक के उपयोग पर रहेगा फोकस
पुलिस अधिकारियों को NATGRID आधारित प्रणालियों के उपयोग में दक्ष बनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। माना जा रहा है कि इस प्रशिक्षण के बाद राज्य में सूचना संग्रह, विश्लेषण और सुरक्षा से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।