कुछ ही मिनटों में धुएं से भर गई पूरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 8:15 बजे अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित EV शोरूम से आग की लपटें उठती दिखाई दीं. आग के साथ निकला घना धुआं तेजी से पूरे भवन में फैल गया. हालात ऐसे बन गए कि ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों के लिए सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरना मुश्किल हो गया.
घरों में घुसा धुआं तो लोगों को हुआ खतरे का एहसास
घटना के वक्त अधिकांश निवासी अपने फ्लैटों में मौजूद थे. कई लोग सुबह की नींद में थे, लेकिन कमरों में धुआं भरने के बाद उन्हें स्थिति की गंभीरता का पता चला. जब लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की तो पाया कि नीचे का हिस्सा धुएं से पूरी तरह ढका हुआ है और सामान्य रास्ते से बाहर निकलना संभव नहीं है.
पड़ोसियों की सूझबूझ बनी लोगों की सुरक्षा की वजह
आग की सूचना मिलते ही आसपास के निवासी तुरंत मदद के लिए आगे आए. अपार्टमेंट से सटी इमारत के लोगों ने फंसे परिवारों को छत पर पहुंचने की सलाह दी. इसके बाद रस्सियों और सीढ़ियों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया. बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इस प्रयास से 20 से ज्यादा लोगों को बिना किसी नुकसान के बाहर निकाल लिया गया.
राहत और बचाव कार्य में पुलिस और दमकल कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का मोर्चा संभाला, जबकि पुलिस ने इलाके को सुरक्षित करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया. स्थानीय निवासी श्याम दुबे ने बताया कि धुआं दिखाई देते ही फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी गई थी. उन्होंने पुलिसकर्मी नरेंद्र मंडेलिया की भी सराहना की, जिन्होंने लोगों को सुरक्षित निकालने में सक्रिय भूमिका निभाई.
आवासीय हिस्से तक नहीं पहुंची आग, टला बड़ा नुकसान
इस पूरी घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि आग अपार्टमेंट के रिहायशी हिस्से तक नहीं फैल सकी. इससे फ्लैटों में रहने वाले परिवारों का सामान सुरक्षित बच गया. यदि आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच जाती तो हालात कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते थे. दमकल विभाग ने समय रहते आग पर नियंत्रण पाकर संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया.
आग लगने की वजह तलाशने में जुटी जांच एजेंसियां
फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है. फायर विभाग और संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी सहित विभिन्न संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है.
इंदौर की यह घटना बताती है कि आपात परिस्थितियों में स्थानीय लोगों की जागरूकता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है. समय पर हुए बचाव अभियान के कारण कई परिवार सुरक्षित बच गए और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया.