Ranchi: आदिवासी छात्र संघ (डीएसपीएमयू) ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था, जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और विश्वविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर राज्यपाल को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर विभिन्न समस्याओं और मांगों से राज्यपाल को अवगत कराया।
जनजातीय भाषाओं के विभाग स्थापित करने की मांग
छात्र संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि राज्य के कई विश्वविद्यालय और महाविद्यालय शिक्षकों की कमी तथा आधारभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। संघ ने उरांव/कुड़ुख, मुंडारी, हो, संथाली और खड़िया भाषाओं के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विभाग स्थापित करने की मांग की। इसके अलावा आधुनिक पुस्तकालय, संग्रहालय और पारंपरिक धुमकुड़िया जैसी सुविधाओं के विकास की भी मांग की गई, ताकि जनजातीय संस्कृति और भाषाओं का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सके।
छात्र संघ चुनाव और शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराने, रिक्त शिक्षकीय पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक गेस्ट फैकल्टी की बहाली करने तथा जनजातीय भाषाओं की लिपियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी उठाई। छात्र संघ का कहना है कि इन कदमों से न केवल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि जनजातीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
राज्यपाल ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और जनजातीय भाषाओं के संरक्षण से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं और इन पर सकारात्मक पहल की जाएगी।