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  • 2026-06-07

Current News: एशियाई चावल बाजार पर अल नीनो का साया, वियतनाम-बांग्लादेश में बढ़ीं कीमतें, पर्याप्त स्टॉक के कारण भारत में बाजार स्थिर

Current News: एशियाई देशों में संभावित अल नीनो के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ने लगी है, जिसका असर अब चावल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। वियतनाम और बांग्लादेश में उत्पादन को लेकर आशंकाओं के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जबकि भारत में पर्याप्त भंडारण और बेहतर आपूर्ति के चलते बाजार अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है।

वियतनाम के चावल निर्यात को मिला बढ़ावा
वियतनाम में 5 प्रतिशत ब्रोकन चावल की निर्यात दर में इस सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई। जहां पिछले सप्ताह कीमत 405 से 410 डॉलर प्रति टन के बीच थी, वहीं अब यह बढ़कर 415 से 420 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई महीने में वियतनाम ने करीब 9.25 लाख टन चावल विदेशों को भेजा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। वहीं जनवरी से मई तक कुल निर्यात 43 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 2.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

अल नीनो को लेकर व्यापारियों में सतर्कता
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने जून से अगस्त के बीच अल नीनो विकसित होने की संभावना 80 प्रतिशत जताई है। वहीं इसके नवंबर तक बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत तक आंकी गई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि अल नीनो सक्रिय होता है तो एशिया के कई हिस्सों में चावल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसी आशंका के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ी है और कीमतों में मजबूती देखी जा रही है।

बांग्लादेश में गर्मी और बारिश से फसल प्रभावित
बांग्लादेश में लगातार पड़ रही गर्मी धान की कटाई पर असर डाल रही है। किसानों के अनुसार तापमान बढ़ने से फसल की उत्पादकता घट रही है और खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है। इसके अलावा प्री-मानसून के दौरान हुई भारी बारिश ने भी नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2 लाख टन से अधिक चावल की फसल प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत में पर्याप्त स्टॉक से बाजार संतुलित
दूसरी ओर भारत में चावल की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। 5 प्रतिशत ब्रोकन परबॉयल्ड चावल का निर्यात मूल्य 337 से 345 डॉलर प्रति टन के बीच बना हुआ है, जबकि 5 प्रतिशत ब्रोकन व्हाइट राइस की कीमत 338 से 344 डॉलर प्रति टन के स्तर पर स्थिर है। निर्यातकों का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में चावल उपलब्ध है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती चिंताओं का असर यहां सीमित दिखाई दे रहा है।

थाईलैंड में भी कीमतों को मिला सहारा
थाईलैंड में 5 प्रतिशत ब्रोकन चावल का भाव करीब 450 डॉलर प्रति टन बना हुआ है। व्यापारियों के अनुसार पशु आहार में उपयोग होने वाले टूटे चावल की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका असर बाजार कीमतों पर भी पड़ा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में नई फसल की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि अल नीनो का वास्तविक प्रभाव एशिया के चावल उत्पादन पर कितना पड़ेगा।
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