Jamshedpur Court News: मानगो के चर्चित सहारा सिटी दुष्कर्म और देह व्यापार मामले में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमलेश कुमार सहाय की अदालत में सुनवाई हुई. मामले में नानक सेठ की बहन की गवाही दर्ज की गई. यह वही मामला है जिसने वर्ष 2016-18 के बीच पूरे जमशेदपुर को झकझोर दिया था और जिसमें पुलिस अधिकारियों समेत कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे.
इस मामले में पटमदा के पूर्व डीएसपी अजय केरकेट्टा, एमजीएम थाना के पूर्व प्रभारी इमदाद अंसारी, स्थानीय नेता, पत्रकार और अन्य आरोपियों समेत कुल 22 लोगों के खिलाफ अदालत में ट्रायल चल रहा है. शनिवार की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गौरव कुमार पाठक समेत अन्य वकील मौजूद रहे.
नाबालिग घरेलू सहायिका के शोषण से शुरू हुआ था मामला
मामले की शुरुआत एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन शोषण से हुई थी. पीड़िता नानक चंद सेठ के घर घरेलू काम करती थी. आरोप है कि वर्ष 2016 में घर में काम करने वाले इलेक्ट्रीशियन शिव कुमार महतो ने मौका पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया.
आरोप है कि इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शिव कुमार महतो ने अपने साथियों श्रीकांत महतो और इंद्रपाल सिंह सैनी के साथ मिलकर पीड़िता का लगातार शोषण किया. उसे दबाव बनाकर देह व्यापार के दलदल में धकेलने का भी आरोप लगाया गया.
2018 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी, जांच में खुले कई राज
कई महीनों तक चले कथित शोषण के बाद वर्ष 2018 में पीड़िता की मां ने मानगो थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामले की परतें खुलती गईं और कई लोगों के नाम सामने आए.
जांच के दौरान पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे न्याय दिलाने वाले तंत्र से जुड़े कुछ लोगों ने भी उसका शोषण किया. इसके बाद मामले में पुलिस अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम जुड़ते गए.
डीएसपी और थाना प्रभारी समेत 22 लोगों पर आरोप
मामले में पटमदा के तत्कालीन डीएसपी अजय केरकेट्टा और एमजीएम थाना के तत्कालीन प्रभारी इमदाद अंसारी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया. इसके अलावा गुड्डू गुप्ता, सोनू नैयर, लड्डन, अमित सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला चला.
आरोप था कि कुछ प्रभावशाली लोगों और पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से पीड़िता को सुरक्षा और न्याय मिलने के बजाय शोषण का सामना करना पड़ा.
तीन मुख्य आरोपियों को मिल चुकी है सजा
इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों इंद्रपाल सिंह सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो के खिलाफ विशेष पॉक्सो अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है. अदालत ने तीनों को दोषी पाते हुए 25-25 साल की सजा सुनाई थी. वहीं बाकी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग ट्रायल जारी है.
कोर्ट में जारी है सुनवाई
शनिवार को हुई गवाही इसी लंबित मामले की सुनवाई का हिस्सा थी. अदालत अब गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.
मानगो का यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था, प्रभावशाली लोगों की भूमिका और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बाकी आरोपियों के खिलाफ अदालत का अंतिम फैसला क्या आता है.